रविवार, 4 अप्रैल 2010

Sania Mirza

सानिया मिर्ज़ा आजकल प्रेम में आसक्त हो चुकी हैं , शादी करने का पूरी तरह से मन भी बना चुकी हैं , उनसे ज्यादा मीडिया उनके प्रेमालाप से आसक्त हो चूका है। मीडिया को इतना मसाला मिल चुका है कि जब तक शादी टूट नहीं जाती तब तक चैन नहीं । मीडिया ज्यादा परेशां है, इतना परेशां तो भारत और पाकिस्तान के भयंकर तनावपूर्ण माहौल में भी मुझे नहीं दिखी। इतने नक्सली रोज आम जनता को मारतें हैं उसपर मीडिया का ध्यान नहीं, लेकिन सोइब मालिक सोनिया के घर बैठा है या बाथरूम में है, इस पर मीडिया कि पूरी नजर है।
रही बात सोनिया की, वो कहती फिर रही है इक शादी के बाद वो भारत के साथ ही खेलती रहेंगी। शायद उन्हें पता नहीं की पाकिस्तान की नागरकिता के बाद एक पाकिस्तानी व्यक्ति भला भारत के लिए कैसे खेलेगा ?
और क्या भारत वही करेगा जो सानिया चाहेंगी, यदि वे कहेंगी कि भारत के साथ खेलेंगी तो वे खेलेंगी अन्यथा नहीं। शायद उन्हें पता नहीं कि सोइब मालिक की पत्नी होने के बाद वे इस प्रकार की स्वतंत्रता से बोल नहीं पायेंगें।

शनिवार, 3 अप्रैल 2010

Senses are not made for seeing inner world

Senses are made for seeing outer world only, not for inner world. If any Meditation Guru says, that try to divert your senses inner world, it may not possible. Actually senses are governed by your mind and mind is governed by your intelect and ultimately your intelect is governed by you only. In this process, how can you divert your senses to yourself....