Tuesday, August 26, 2014

Live in present

वर्तमान भयमुक्त है, इसमें जीने के लिए कुशलता कठिन कार्य है. इसमें जीने के लिए किसी बनी बनाई परिपाठी का इस्तेमाल न करे, अपने स्वविवेक का प्रयोग करें. 
Yoga guru yogi anoop

Five senses

पांच ज्ञानेन्द्रियाँ (आँख, कान, नाक , जीभ, त्वचा) संचार माध्यम का सबसे बड़ी श्रोत हैं. साधकों से निवेदन है कि इसका कुशलता से प्रयोग करें. 
Yogi Anoop yoga guru in delhi

Dhyan

मन, बुद्धि, चित्त एवं अहंकार का इलाज तो ध्यान ही कर सकता है. 
Yoga guru yogi anoop

Gastric problem

जो साधक इस देह में चलने वाली वायु की दिशा को परिवर्तित कर सकता है, समझो उस हठ योगी का मन पर अधिकार हो गया है.